Saturday, January 15, 2011

कण कण में उसका विलास है



आज लगे
कुछ बात खास है
क्या कान्हा ही
आस पास है

आँख मिचोली खेल रहा है
कण कण में
उसका विलास है

जय श्री कृष्ण

अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
२४ मार्च १९९८ को लिखी
१५ जनवरी २०११ को lokarpit

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